उत्तर प्रदेशयात्रालखनऊ

इटावा सफारी में पर्यटकों की आवक बढ़ाने में मदद करेगा ताजमहल

बेमिसाल खूबसूरती के कारण देश दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र ताजमहल अब चंबल के बीहड़ों में बसे इटावा सफारी में पर्यटकों की आवक बढ़ाने में मदद करेगा। आगरा जोन में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व ईको टूरिज्म के नोडल अधिकारी सुनील चौधरी ने सोमवार को यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार सफारी पार्क को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। ताजमहल देखने आने वाले पर्यटक इटावा सफारी पार्क भी आएं, इसके लिए उन्हें लाने के सारे इंतजाम वन विभाग करेगा।

उन्होंने कहा कि इटावा सफारी पार्क को विकास और पर्यटक सुविधाओं के लिये जल्द ही यहां के अधिकारियों से चर्चा की जायेगी। उन्होने कहा “ पिछले कई माह से हम योजना बना रहे हैं। गर्मी शुरू हो रही है, इसलिए पर्यटकों की संख्या कम हो रही है। आगरा से इटावा आने वाले पर्यटकों को रास्ते में रेस्टोरेंट इत्यादि की अच्छी सुविधाएं दी जाएंगी। इटावा सफारी पार्क में सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा।” नोडल अधिकारी ने बताया कि 29 मार्च से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानो पर लगी रोक खत्म हो रही है। ऐसे में विदेशी सैलानी की आवक बढ़ने के आसार है। इन सैलानियों को यहां पर लाने का प्रयास होगा।

सफारी पार्क के उप निदेशक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि आगरा के करीब होने के कारण इटावा सफारी पार्क का महत्व अपने आप में बढ़ा है। सफारी पार्क के प्रति पर्यटकों के आकर्षण में लगातार इजाफा हो रहा है। सफारी पार्क अपने आप में इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एशिया का एकमात्र ब्रीडिंग सेंटर है जिसके जरिए एशियाटिक शेरों की संख्या में इजाफा होना तय माना जा रहा है। फिलहाल इटावा सफारी पार्क में 18 शेर है इनमें से नौ अकेले इस सफारी पार्क में ही पैदा हुए हैं। तीन भालू भी यहां पर है लेकिन आगरा से एक दर्जन के आसपास भालुओं को लाया जाना है।

25 नंबवर 2019 को शुभारंभ के बाद सफारी की लोकप्रियता मे खासा इजाफा हो रहा है । सपा सरकार के कार्यकाल में निर्मित इटावा सफारी पार्क का उद्धघाटन एक जून 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था ,लेकिन आम पर्यटकों के लिए 25 नम्वबर 2019 को शुभारंभ किया गया था। कुख्यात डाकुओं की शरणस्थली के रूप में बदनाम रही चंबल घाटी को पर्यटकों के लिए आबाद करने की मंशा के तहत सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने 2003 में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत कराई थी ,लेकिन 2007 में प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने सत्ता में आते ही इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

उसके बाद इटावा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की गरज से बीहड़ में लायन सफारी की स्थापना की रूपरेखा शुरू कराई। रूपरेखा का ही नतीजा आज बीहड मे स्थापित सफारी भव्य रूप मे दिखाई दे रहा है। सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा सफारी पार्क का निर्माण मई 2012 में शुरू हुआ था। यह करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इटावा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की गरज से बीहड़ में लायन सफारी की स्थापना की रूपरेखा शुरू कराई थी और आज बीहड मे स्थापित सफारी भव्य रूप मे दिखाई दे रहा है।

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