मोदी सरकार के 12 बड़े आर्थिक फैसले

प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत में कई बड़े आर्थिक सुधार और कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं। इन पहलों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, वित्तीय समावेशन बढ़ाना और आम नागरिकों तक सरकारी लाभ पहुंचाना रहा है।
प्रधान आर्थिक फैसलों में शामिल हैं:
1. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
इस योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
2. वस्तु एवं सेवा कर (GST)
GST लागू होने के बाद देश में अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को एकीकृत करने का प्रयास किया गया। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाना और कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना था।
3. डिजिटल इंडिया और UPI क्रांति
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें शुरू की गईं। UPI ने देश में ऑनलाइन लेनदेन के तरीके को बदल दिया और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति दी।
4. आत्मनिर्भर भारत अभियान
घरेलू विनिर्माण, स्थानीय उद्योग और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया गया।
5. मेक इन इंडिया
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल ने निवेश आकर्षित करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
6. मुद्रा योजना
छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को बिना बड़ी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई।
7. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया गया।
8. उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना
विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने और वैश्विक कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से PLI योजनाएं लागू की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रूप से देखा गया है। समर्थकों के अनुसार इनसे वित्तीय पहुंच, डिजिटल लेनदेन और औपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली, जबकि आलोचकों ने कुछ नीतियों के कार्यान्वयन और प्रभावों को लेकर सवाल भी उठाए।
कुल मिलाकर, पिछले 12 वर्षों में आर्थिक सुधार, डिजिटल बदलाव और वित्तीय समावेशन मोदी सरकार की प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। इनका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के दैनिक जीवन में व्यापक रूप से देखा गया है।



