GST के 9 साल पूरे: जानें टैक्स सुधार के 5 बड़े फायदे

देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के 9 साल पूरे हो गए हैं। 1 जुलाई 2017 को लागू हुई ‘एक देश, एक टैक्स’ व्यवस्था ने केंद्र और राज्यों के कई अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत कर पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू की। पिछले नौ वर्षों में जीएसटी ने कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाया, टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई और सरकार के राजस्व संग्रह को नई मजबूती दी।
GST लागू होने के बाद राज्यों के बीच माल की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। ई-वे बिल, ई-इनवॉयसिंग और डिजिटल रिटर्न फाइलिंग जैसी व्यवस्थाओं ने कर अनुपालन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया। इसके साथ ही टैक्स चोरी पर नियंत्रण मजबूत हुआ और कारोबारियों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुविधा से दोहरे कराधान (Cascading Effect) की समस्या काफी हद तक कम हुई।
GST के 5 बड़े फायदे
- ‘वन नेशन, वन टैक्स’ व्यवस्था से पूरे देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू हुई।
- टैक्स चोरी पर नियंत्रण और डिजिटल निगरानी से कर संग्रह में लगातार वृद्धि हुई।
- व्यापार करने में आसानी बढ़ी और राज्यों के बीच माल परिवहन तेज हुआ।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से दोहरे कराधान का बोझ कम हुआ।
- डिजिटल टैक्स सिस्टम के कारण रिटर्न फाइलिंग और अनुपालन पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी बना।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर किए गए सुधारों और तकनीकी बदलावों के कारण GST प्रणाली लगातार मजबूत हुई है। हालांकि, छोटे कारोबारियों के लिए अनुपालन को और सरल बनाने तथा कर ढांचे को अधिक संतुलित बनाने की दिशा में अभी भी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। पिछले नौ वर्षों में GST भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े कर सुधारों में से एक के रूप में स्थापित हुआ है।



