
SBI Funds Management के IPO को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ होती दिख रही है। कंपनी ने IPO के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (DRHP) दाखिल कर दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि लिस्टिंग की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ चुकी है।
IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) आधारित होगा। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। IPO में State Bank of India (SBI) और उसका साझेदार Amundi अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे।
इससे पहले SBI के बोर्ड ने SBI Funds Management में लगभग 6.3% हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी। वहीं Amundi भी अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा ऑफलोड करेगी। कुल मिलाकर करीब 10% इक्विटी सार्वजनिक निवेशकों को पेश की जा सकती है।
IPO कब आ सकता है?
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी निवेशकों के साथ प्री-IPO रोडशो और अन्य तैयारियां कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि IPO आने वाले कुछ महीनों में लॉन्च हो सकता है, जबकि व्यापक तौर पर 2026 के दौरान लिस्टिंग पूरी होने की उम्मीद जताई गई है।
क्यों है यह IPO खास?
- SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी AMC (Asset Management Company) में से एक है।
- कंपनी का AUM (Assets Under Management) ₹12 लाख करोड़ से अधिक बताया गया है।
- यह भारतीय AMC सेक्टर के सबसे बड़े IPOs में शामिल हो सकता है।
- IPO से SBI को अपनी सहायक कंपनी की वैल्यू अनलॉक करने का अवसर मिलेगा।
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात होगी सेबी की मंजूरी, RHP दाखिल होना और IPO की प्राइस बैंड की घोषणा। इन चरणों के बाद ही IPO की सटीक लॉन्च तारीख सामने आएगी।



