1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नहीं चलेगा नकद पैसा, जानिए नए नियम से मिलने वाले 3 फायदे

देशभर के वाहन चालकों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए घोषणा की है कि 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स देने के लिए केवल डिजिटल माध्यमों का ही इस्तेमाल करना होगा। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
नए नियम के तहत FASTag का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। जिन वाहनों में FASTag नहीं होगा, उन्हें या तो दोगुना टोल देना पड़ सकता है या फिर टोल प्लाजा से वापस भी किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि कैशलेस टोल सिस्टम से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
इस नए नियम से वाहन चालकों को तीन बड़ी राहतें मिलने वाली हैं। पहली राहत यह है कि टोल प्लाजा पर लगने वाला ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो जाएगा, क्योंकि अब कैश लेने-देने में समय बर्बाद नहीं होगा। दूसरी राहत ईंधन की बचत से जुड़ी है, क्योंकि बिना रुके टोल पार करने से गाड़ियों का माइलेज बेहतर होगा। तीसरी और सबसे अहम राहत यह है कि टोल भुगतान पूरी तरह पारदर्शी होगा, जिससे ओवरचार्जिंग और विवादों की संभावना कम हो जाएगी।
इसके अलावा सरकार भविष्य में GPS आधारित टोल सिस्टम लाने की भी तैयारी कर रही है, जिससे टोल प्लाजा की जरूरत ही खत्म हो सकती है और जितना हाईवे इस्तेमाल किया जाएगा, उतना ही टोल देना होगा। हालांकि फिलहाल FASTag ही मुख्य माध्यम रहेगा।
यदि आपने अभी तक FASTag नहीं लगवाया है, तो जल्द से जल्द इसे बैंक, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बनवा लेना जरूरी है। 1 अप्रैल के बाद कैश देने की सुविधा बंद होने से बिना तैयारी के सफर करना मुश्किल हो सकता है। कुल मिलाकर, यह नया नियम यात्रियों के लिए सुविधा, समय और पैसे—तीनों की बचत करने वाला साबित होगा।



