LPG सप्लाई को लेकर केंद्र का आश्वासन, जरूरत पड़ी तो विदेशों से बढ़ाई जाएगी खरीद

देशभर में एलपीजी (LPG) की संभावित किल्लत की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों से भी एलपीजी की खरीद बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में बाधा के कारण कुछ जगहों पर सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और सप्लाई की स्थिति का असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। हालांकि मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां लगातार अलग-अलग देशों से एलपीजी की खरीद कर रही हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की मांग को देखते हुए भंडारण और आपूर्ति की पूरी निगरानी की जा रही है। देशभर में मौजूद एलपीजी टर्मिनल और स्टोरेज सुविधाओं में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गैस एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ देशों में उत्पादन में कमी और कुछ जगहों पर लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने पहले से ही अपनी आयात रणनीति को मजबूत किया है और कई देशों के साथ दीर्घकालिक समझौते भी किए हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि उज्ज्वला योजना और अन्य योजनाओं के तहत करोड़ों परिवार एलपीजी का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए इसकी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी रसोई गैस की सप्लाई सुचारु रूप से जारी रहेगी और देश में किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।



