
ईरान से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर वैश्विक तेल बाजार में नई हलचल देखने को मिल रही है। भारत को ईरान से तेल मिलने की खबरों के बीच चीन के भीतर चिंता बढ़ती नजर आ रही है, क्योंकि उसके घरेलू रिफाइनिंग सेक्टर पर दबाव गहराता जा रहा है।
इस पूरे मामले में “Teapots” का नाम भी चर्चा में है, जो चीन की छोटी और निजी रिफाइनरियों को कहा जाता है। ये कंपनियां लंबे समय से सस्ते ईरानी क्रूड पर निर्भर रही हैं, लेकिन अब हालात बदलने से इन्हें कई बार ज्यादा कीमत देकर तेल खरीदना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई चेन में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण क्रूड ऑयल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे चीन की ऊर्जा रणनीति पर भी असर पड़ रहा है।
फिलहाल यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार में नए समीकरण बना रही है और आने वाले समय में तेल की कीमतों पर इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।



