अमेरिकी लेबर मार्केट में संकट? जुलाई में 23 हजार नौकरियां घटीं, बेरोजगारी दर 4.1%

अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लेबर मार्केट से जुलाई 2026 के आंकड़े मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। एक तरफ अमेरिकी कंपनियों और सरकारी संस्थानों में कुल 23 हजार नौकरियां कम हुईं, वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी दर घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई। नौकरियों में गिरावट अर्थशास्त्रियों के अनुमान के बिल्कुल उलट रही, क्योंकि जुलाई में करीब 80 हजार से अधिक नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद थी।
जुलाई में रोजगार घटा
अमेरिका में जुलाई के दौरान नॉन-फार्म पेरोल में 23 हजार की कमी आई। यह फरवरी के बाद पहली मासिक गिरावट है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी लेबर मार्केट में नियुक्तियों की रफ्तार कमजोर पड़ रही है। इसके अलावा मई और जून के रोजगार आंकड़ों में भी बड़ी कटौती की गई है, जिससे पिछले महीनों की तस्वीर पहले के मुकाबले कमजोर दिखाई दे रही है।
बेरोजगारी दर क्यों घटी?
सबसे दिलचस्प बात यह है कि नौकरियां घटने के बावजूद बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर आ गई। इसका प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग लेबर फोर्स से बाहर हो गए। यानी उन्होंने नौकरी की तलाश करना भी छोड़ दिया, जिसके कारण वे बेरोजगारों की आधिकारिक गणना में शामिल नहीं हुए।
लेबर फोर्स में आई बड़ी कमी
अमेरिकी श्रम बाजार में भागीदारी दर भी कमजोर हुई है। रिपोर्टों के अनुसार रिटायरमेंट और अन्य कारणों से काम करने या नौकरी तलाशने वाले लोगों की संख्या घटी है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 61.4 प्रतिशत तक आ गई, जो फरवरी 2021 के बाद महामारी काल को छोड़कर सबसे निचले स्तरों में है।
सरकारी और कुछ प्रमुख सेक्टरों पर दबाव
जुलाई में सरकारी क्षेत्र में रोजगार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। रिटेल और लीजर एवं हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भी कमजोरी दिखाई दी, जबकि निजी क्षेत्र में रोजगार में करीब 30 हजार की बढ़ोतरी हुई। इससे पता चलता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार की स्थिति एक जैसी नहीं है।
क्या यह लेबर मार्केट संकट की शुरुआत है?
एक महीने के आंकड़ों के आधार पर अमेरिकी लेबर मार्केट को पूरी तरह संकट में बताना जल्दबाजी होगी। हालांकि लगातार कमजोर नियुक्तियां, पुराने आंकड़ों में संशोधन और लेबर फोर्स में गिरावट चिंता के संकेत जरूर हैं। दूसरी ओर कुछ रोजगार संकेतक अभी भी बाजार में पूरी तरह कमजोरी नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए विशेषज्ञों के बीच यह बहस बनी हुई है कि जुलाई के आंकड़े अस्थायी ‘शोर’ हैं या अमेरिकी रोजगार बाजार में बड़े बदलाव की शुरुआत।
फेडरल रिजर्व के लिए भी अहम संकेत
कमजोर रोजगार आंकड़ों का असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर पड़ सकता है। रोजगार बाजार में कमजोरी ब्याज दरों पर सख्ती की जरूरत को कम कर सकती है, हालांकि महंगाई का स्तर भी फेड के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बाजार ने जुलाई के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद ब्याज दरों को लेकर अपनी उम्मीदों में बदलाव किया है।
कुल मिलाकर जुलाई के आंकड़े अमेरिकी लेबर मार्केट की एक जटिल तस्वीर पेश करते हैं। नौकरियां कम होना चिंता का संकेत है, लेकिन बेरोजगारी दर का 4.1 प्रतिशत रहना अपने आप में मजबूत रोजगार बाजार की पूरी कहानी नहीं बताता। असली सवाल यह है कि आने वाले महीनों में रोजगार सृजन और लेबर फोर्स की भागीदारी किस दिशा में जाती है।



