ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका से चांदी में बंपर उछाल, एक झटके में ₹15,500 महंगी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला है। हाल ही में ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया, जिसके चलते चांदी की कीमतों में अचानक तूफानी तेजी दर्ज की गई। एक ही झटके में चांदी करीब ₹15,500 तक महंगी हो गई, जिससे घरेलू सर्राफा बाजार में हलचल मच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित साधनों में लगाते हैं।
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बाद कमोडिटी बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। Iran को लेकर संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर केवल कच्चे तेल पर ही नहीं, बल्कि चांदी जैसी औद्योगिक और निवेश धातु पर भी पड़ा है। भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में रिकॉर्ड उछाल देखा गया, जिससे थोक और खुदरा बाजार दोनों प्रभावित हुए।
विश्लेषकों के मुताबिक चांदी की कीमतों में यह तेजी सिर्फ डर की वजह से नहीं, बल्कि डॉलर में कमजोरी और वैश्विक मांग में सुधार का भी परिणाम है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और ऑटो सेक्टर में बढ़ती औद्योगिक मांग ने भी कीमतों को समर्थन दिया है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है, तो कीमतों में करेक्शन आ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
घरेलू स्तर पर ज्वैलर्स और निवेशक दोनों ही मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए हैं। शादी-विवाह के सीजन से पहले चांदी की कीमतों में आई इस तेजी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो चांदी में और तेजी संभव है, लेकिन हालात सामान्य होते ही मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।



