ITR फाइलिंग और रिफंड सिस्टम में सुधार की उम्मीद, बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को राहत संभव

हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन और रिफंड में देरी लाखों टैक्सपेयर्स के लिए परेशानी का कारण बनती है। खासकर सैलरी क्लास और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को बार-बार डेडलाइन एक्सटेंशन, टेक्निकल गड़बड़ियों और रिफंड प्रोसेस में लंबा इंतजार झेलना पड़ता है। अब बजट 2026 से टैक्सपेयर्स को इस झंझट से राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने टैक्स सिस्टम को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। फेसलेस असेसमेंट, प्री-फिल्ड ITR फॉर्म और ऑनलाइन वेरिफिकेशन जैसे सुधारों से प्रक्रिया पहले से बेहतर जरूर हुई है, लेकिन अभी भी ITR फाइलिंग की डेडलाइन और रिफंड में देरी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। अक्सर देखा जाता है कि आखिरी समय में पोर्टल स्लो हो जाता है या तकनीकी समस्याएं सामने आती हैं, जिससे टैक्सपेयर्स को अनावश्यक तनाव झेलना पड़ता है।
बजट 2026 में उम्मीद की जा रही है कि सरकार ITR फाइलिंग की समय-सीमा को लेकर एक स्थायी और स्पष्ट सिस्टम लागू कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेडलाइन को ज्यादा व्यावहारिक बनाया जा सकता है, ताकि टैक्सपेयर्स को बार-बार एक्सटेंशन का इंतजार न करना पड़े। इसके अलावा, अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए अलग डेडलाइन तय करने पर भी विचार हो सकता है।
रिफंड में देरी को खत्म करने के लिए भी बजट 2026 में बड़े ऐलान की संभावना है। सरकार रिफंड प्रोसेस को और ज्यादा ऑटोमेटेड और टाइम-बाउंड बना सकती है। यदि तय समय में रिफंड नहीं मिलता है, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज देने का प्रावधान सख्ती से लागू किया जा सकता है। इससे विभाग पर समय पर रिफंड जारी करने का दबाव बढ़ेगा।
इसके साथ ही, टैक्स पोर्टल की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने, डेटा प्रोसेसिंग को तेज करने और शिकायत निवारण सिस्टम को बेहतर बनाने पर भी फोकस किया जा सकता है। अगर बजट 2026 में ये सुधार लागू होते हैं, तो न केवल टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ेगा बल्कि टैक्स कंप्लायंस भी बेहतर होगा। कुल मिलाकर, बजट 2026 से टैक्सपेयर्स को ITR डेडलाइन और रिफंड से जुड़े झंझटों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।



