दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, भारत में सबसे कम असर

दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई संकट के कारण कई देशों में ईंधन महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में करीब 55% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि अमेरिका में भी ईंधन कीमतें लगभग 45% तक बढ़ चुकी हैं। यूएई और कई अन्य देशों में भी हालात काफी गंभीर बताए जा रहे हैं।
इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रही है। हालिया बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल की कीमतों में करीब 4% और डीजल में लगभग 4.4% की वृद्धि हुई है, जो कई बड़े देशों की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने टैक्स कटौती, सरकारी हस्तक्षेप और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के जरिए कीमतों का दबाव कुछ हद तक नियंत्रित रखा। हालांकि अगर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में भारत में भी और बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



