
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। शुरुआती संकेतों में GIFT Nifty में कमजोरी देखी जा रही है, जिससे बाजार के कमजोर खुलने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ रहा है।
ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर खास तौर पर ऑयल एंड गैस, आईटी, बैंकिंग और डिफेंस सेक्टर के शेयरों पर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि आईटी कंपनियों पर डॉलर की मजबूती का असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है, क्योंकि वैश्विक तनाव के समय इन सेक्टरों को सुरक्षित निवेश (safe haven) के तौर पर देखा जाता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहकर ट्रेडिंग और निवेश करने की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छे स्टॉक्स में एंट्री का मौका भी बन सकती है।



