सोने में गिरावट का संकेत? 2026 में कीमत ₹1 लाख से नीचे जाने की संभावना

साल 2026 को लेकर सोने की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में दबाव देखा गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे जा सकता है या फिर इसमें फिर से तेजी लौटेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोने की चाल कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखता है, तो सोने पर दबाव बना रह सकता है। उच्च ब्याज दरों के कारण निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती भी सोने की कीमतों को नीचे खींच सकती है।
हालांकि, दूसरी ओर भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई जैसे कारक सोने को समर्थन दे सकते हैं। जब भी वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। ऐसे में कीमतों में गिरावट सीमित रह सकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2026 में सोने की कीमत ₹90,000 से ₹1,05,000 प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती है। यानी अगर गिरावट आती भी है, तो यह बहुत ज्यादा नहीं होगी। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी हो सकती है।
भारत जैसे देश में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा है। शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलता है।
कुल मिलाकर, 2026 में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन ₹1 लाख से बहुत नीचे जाने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की स्थिति और वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखकर ही निवेश का निर्णय लें।



