कारोबार
Gold-Silver Import Duty: सरकार ने क्यों बढ़ाई ड्यूटी? अप्रैल डेटा से खुलासा


सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के सरकार के फैसले को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है। हालिया डेटा और अप्रैल के आयात आंकड़ों से संकेत मिलता है कि यह कदम व्यापार घाटे और घरेलू बाजार को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
सरकारी नीतियों के अनुसार, कीमती धातुओं के अत्यधिक आयात से देश का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ सकता है, जिसे संतुलित करने के लिए समय-समय पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया जाता है। इसके अलावा, घरेलू रिफाइनिंग और ज्वेलरी सेक्टर को बढ़ावा देना भी इसका एक उद्देश्य माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले वैश्विक कीमतों और घरेलू मांग दोनों पर असर डालते हैं। आने वाले समय में सोना-चांदी के आयात और कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है।