Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, ऑल टाइम हाई से ₹45,000 तक टूटे दाम

सोना और चांदी की कीमतों में हालिया दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है। कई बाजारों में सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस गिरावट ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे पहला कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग पर दबाव पड़ता है।
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। निवेशकों को लग रहा है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक अपेक्षा से अधिक समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रख सकते हैं। ऐसे माहौल में बिना ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों जैसे सोने का आकर्षण कम हो जाता है।
तीसरा कारण वैश्विक तनावों में कुछ नरमी और निवेशकों का जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करना माना जा रहा है। शेयर बाजारों में सुधार आने पर कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर अन्य परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं।
चौथी वजह मुनाफावसूली है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपने निवेश से लाभ बुक किया, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसका असर सोना और चांदी दोनों की कीमतों पर देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोना अभी भी मुद्रास्फीति और वैश्विक अनिश्चितताओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प बना हुआ है। हालांकि निकट भविष्य में कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखकर निर्णय न लें और अपने निवेश लक्ष्यों तथा जोखिम क्षमता के अनुसार रणनीति बनाएं।



