कारोबार
IBC के 10 साल पूरे: JP Associates केस से बैंकिंग रिकवरी और अदाणी डील तक बड़ा असर


भारत में दिवाला समाधान प्रक्रिया को बदलने वाले Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) को लागू हुए 10 साल पूरे हो गए हैं। इस अवधि में कई बड़े कॉर्पोरेट मामलों का समाधान इसी कानून के तहत किया गया, जिनमें Jaiprakash Associates का मामला भी शामिल है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, IBC प्रक्रिया के जरिए बैंकों को अब तक लगभग ₹4.32 लाख करोड़ की रिकवरी हासिल हुई है, जिससे बैंकिंग सेक्टर की बैलेंस शीट में सुधार देखने को मिला है।
Adani Group ने भी इस प्रक्रिया के तहत कुछ कंपनियों के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है, जिससे कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग और एसेट रिकवरी को नई दिशा मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि IBC ने भारत में दिवालिया मामलों के समाधान को तेज और अधिक पारदर्शी बनाया है, हालांकि कुछ मामलों में देरी और कानूनी जटिलताएं अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।