भारत का सबसे पुराना सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड, ईरान से आए शख्स ने शुरू की थी कहानी

आज जब सॉफ्ट ड्रिंक की बात आती है तो लोगों के दिमाग में कोका-कोला और पेप्सी जैसे बड़े नाम आते हैं, लेकिन भारत में एक ऐसा ब्रांड भी है जिसकी कहानी इन वैश्विक कंपनियों से पहले शुरू हो चुकी थी। पुणे का अर्देशीर सोडा (Ardeshir Soda) भारत के सबसे पुराने सोडा ब्रांडों में गिना जाता है, जिसकी शुरुआत साल 1884 में हुई थी।
इस ब्रांड की शुरुआत अर्देशीर खोदादाद ईरानी ने की थी। वह ईरान के यज़्द क्षेत्र से भारत आए थे और बाद में पुणे में बसे। उस दौर में ब्रिटिश सैनिकों और स्थानीय लोगों के बीच सोडा वाटर की मांग बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए उन्होंने भारत में ही सोडा बनाने का कारोबार शुरू किया।
दिलचस्प बात यह है कि अर्देशीर सोडा की शुरुआत अमेरिका में कोका-कोला लॉन्च होने से दो साल पहले हुई थी। उस समय भारत में कार्बोनेटेड ड्रिंक का बाजार आज जैसा बड़ा नहीं था, लेकिन इस छोटे से प्रयोग ने एक लंबे सफर की शुरुआत कर दी।
अर्देशीर सोडा की पहचान इसके पारंपरिक स्वाद और कांच की बोतलों में मिलने वाली ड्रिंक के लिए बनी रही। लेमन, रास्पबेरी और अन्य फ्लेवर इसकी खासियत रहे हैं। बदलते समय और बड़ी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा के बावजूद यह ब्रांड अपनी विरासत को बनाए रखने में सफल रहा है।
यह कहानी सिर्फ एक सॉफ्ट ड्रिंक की नहीं, बल्कि उन भारतीय उद्यमियों की भी है जिन्होंने आधुनिक ब्रांडिंग के दौर से बहुत पहले स्थानीय जरूरतों को पहचानकर कारोबार खड़ा किया। ईरान से भारत आए एक कारोबारी का यह प्रयास आज भी भारतीय पेय उद्योग के इतिहास का अहम हिस्सा माना जाता है।



