1 लाख सैलरी वाला इंटर्नशिप ऑफर बना चर्चा का विषय, AI कंपनी पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक AI कंपनी की इंटर्नशिप का ऑफर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। कंपनी के मालिक ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट करते हुए घोषणा की कि उन्हें एक ऐसे इंटर्न की जरूरत है जो 12 घंटे काम कर सके और इसके बदले उसे ₹1 लाख रुपये महीना सैलरी दी जाएगी। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। एक तरफ लोग कह रहे हैं कि इंटर्न को इतनी ऊंची सैलरी मिलना आज की तारीख में बेहद आकर्षक ऑफर है, वहीं दूसरी तरफ 12 घंटे के लंबे कार्य समय को लेकर कंपनी की आलोचना भी हो रही है। कई यूज़र्स इसे ‘वर्क कल्चर की बर्बादी’ बता रहे हैं, तो कुछ इसे अवसर बताकर सराहना भी कर रहे हैं।
कंपनी मालिक का दावा है कि उन्हें ऐसा इंटर्न चाहिए जो AI, डेटा हैंडलिंग और कंटेंट जेनरेशन से जुड़े कामों को तेजी और कुशलता से कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि इंटर्नशिप केवल उन युवाओं के लिए है जिनमें सीखने की भूख हो और जो तेज़ी से बदलती डिजिटल दुनिया में रियल टाइम टास्क संभाल सकें। हालांकि, सैलरी जितनी आकर्षक है, उतना ही विवादास्पद इसका काम का समय भी है। 12 घंटे की शिफ्ट को कई लोग भारतीय श्रम कानूनों और वर्क-लाइफ बैलेंस के विपरीत मान रहे हैं। यूज़र्स ने यह सवाल भी उठाया कि इंटर्न से इतनी लंबी अवधि के काम की उम्मीद करना कितना उचित है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कमेंट्स में लोगों ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कुछ ने कहा कि AI जैसे हाई-स्किल क्षेत्र में 1 लाख रुपये की इंटर्नशिप सुनहरा मौका है, जो युवाओं को बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स में तेजी से आगे बढ़ने का अनुभव दे सकता है। वहीं कई ने यह तर्क भी दिया कि इंटर्नशिप एक सीखने की प्रक्रिया है, न कि फुल-टाइम जॉब, इसलिए इसके लिए 12 घंटे काम के बदले भारी सैलरी देना महज ‘हाइप’ क्रिएट करने का तरीका है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के ऑफर उद्योग में गलत संदेश भेजते हैं और युवा कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ाने का ट्रेंड मजबूत करते हैं।
AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और स्किल्ड युवाओं की मांग को देखते हुए ऐसी हाई-पेइंग इंटर्नशिप्स नई नहीं हैं। लेकिन काम के घंटों को लेकर उठ रहे सवाल एक बार फिर वर्क-लाइफ बैलेंस पर बहस को हवा दे रहे हैं। फिलहाल यह ऑफर चाहे विवादों में हो, लेकिन इसने निश्चित रूप से तकनीकी क्षेत्र में काम करने की इच्छुक युवाओं के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है। इस घटना ने यह भी दिखाया है कि आज के रोजगार बाजार में वेतन से ज्यादा महत्वपूर्ण काम के घंटे और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे हो चुके हैं।



