AI की चिंता से IT शेयर धड़ाम, निफ्टी IT 4% टूटा; TCS-इंफोसिस में तेज गिरावट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारतीय आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली है। बाजार खुलते ही निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। इस गिरावट का असर सेक्टर की दिग्गज कंपनियों पर साफ दिखा, जहां टीसीएस और इंफोसिस जैसे बड़े नाम भी दबाव में नजर आए। ट्रेडिंग के दौरान कई शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव रहा, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई टेक्नोलॉजी के तेजी से विस्तार ने पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनियों के ऑटोमेशन और जनरेटिव एआई की ओर बढ़ते कदमों से भविष्य की डिमांड और मार्जिन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। विदेशी बाजारों से भी मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया, जिसका सीधा असर घरेलू आईटी शेयरों पर पड़ा। खासकर अमेरिकी क्लाइंट्स पर निर्भर कंपनियों को लेकर सतर्कता बढ़ती दिखाई दे रही है।
टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। कई ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि निकट भविष्य में सेक्टर में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी तर्क है कि एआई को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि नई तकनीक लंबे समय में उत्पादकता और नए कारोबार के रास्ते खोल सकती है।
निवेशक फिलहाल कंपनी प्रबंधन की टिप्पणियों, ऑर्डर बुक और डील पाइपलाइन पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाली तिमाहियों में यह साफ होगा कि आईटी कंपनियां एआई के इस बदलाव को किस तरह अपने पक्ष में मोड़ पाती हैं। तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है और निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।



