
देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आई कमी का असर अब शेयर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई प्रमुख रेस्टोरेंट कंपनियों के स्टॉक्स 5 से 7 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती लागत के कारण रेस्टोरेंट बिजनेस पर दबाव बढ़ रहा है।
सबसे ज्यादा असर Jubilant FoodWorks के शेयरों पर देखने को मिला। कंपनी के स्टॉक में लगभग 7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यह कंपनी भारत में डोमिनोज़ पिज़्ज़ा का संचालन करती है और देशभर में इसके हजारों आउटलेट हैं। गैस की कमी के कारण संचालन लागत बढ़ने और सप्लाई चेन में संभावित बाधा की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इसके अलावा Devyani International और Westlife Foodworld के शेयरों में भी लगभग 4 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ये कंपनियां क्रमशः केएफसी, पिज़्ज़ा हट और मैकडॉनल्ड्स जैसे बड़े ब्रांड्स का संचालन करती हैं। वहीं Sapphire Foods India के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली, जिससे पूरे क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर पर दबाव बन गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक रेस्टोरेंट उद्योग बड़े पैमाने पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहता है। यदि सप्लाई में रुकावट आती है या कीमतें अचानक बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर संचालन लागत और मुनाफे पर पड़ता है। यही कारण है कि गैस संकट की खबर सामने आते ही निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। यदि गैस सप्लाई जल्द सामान्य हो जाती है तो रेस्टोरेंट सेक्टर के शेयरों में दोबारा तेजी भी देखी जा सकती है। भारत में फूड डिलीवरी और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, इसलिए लंबे समय में इन कंपनियों की ग्रोथ संभावनाएं अभी भी मजबूत मानी जा रही हैं।
फिलहाल निवेशकों की नजर सरकार और गैस कंपनियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को लेकर राहत मिलती है, तो रेस्टोरेंट स्टॉक्स में आई यह गिरावट जल्दी संभल सकती है।



