ट्रंप के ‘अमेरिका फर्स्ट’ के बीच बढ़ा कर्ज का बोझ, हर अमेरिकी परिवार पर लाखों का कर्ज; Gen Z सबसे ज्यादा प्रभावित

अमेरिका की अर्थव्यवस्था को लेकर अक्सर ‘अमेरिका फर्स्ट’ का नारा सुनने को मिलता है, जिसे अमेरिकी राजनीति में खास तौर पर पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने काफी जोर-शोर से उठाया था। लेकिन हाल के आर्थिक आंकड़े एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार आज अमेरिका में हर परिवार पर औसतन करीब 97 लाख रुपये के बराबर कर्ज का बोझ है। बढ़ते क्रेडिट कार्ड बिल, स्टूडेंट लोन, होम लोन और महंगाई के कारण आम अमेरिकी परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों में उपभोक्ता कर्ज तेजी से बढ़ा है। महंगाई और ऊंची ब्याज दरों ने लोगों की बचत को कम कर दिया है और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल बना दिया है। कई परिवार अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड और लोन पर अधिक निर्भर हो गए हैं, जिसके कारण कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर नई पीढ़ी यानी Gen Z पर पड़ रहा है। नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं को पहले से ही भारी स्टूडेंट लोन का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही घर खरीदना, किराया देना और जीवनयापन का खर्च भी तेजी से बढ़ा है। कई युवा आर्थिक अस्थिरता और भविष्य को लेकर चिंता में हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक Gen Z के सामने सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय स्थिरता हासिल करना है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यदि कर्ज की यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। अधिक कर्ज का मतलब यह है कि लोगों की खर्च करने की क्षमता सीमित हो सकती है, जिससे आर्थिक विकास की गति प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि नीति निर्माताओं के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है।
हालांकि अमेरिका अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन बढ़ता कर्ज यह संकेत देता है कि आम नागरिकों की आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत होगी, ताकि आम अमेरिकी परिवारों पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम किया जा सके और युवा पीढ़ी को बेहतर आर्थिक भविष्य मिल सके।



