औंधे मुंह गिरे सुप्रीम इंडस्ट्रीज के शेयर | कंपनी ने दिया 11 रुपये डिविडेंड | निवेशक हुए निराश

शेयर बाजार में शुक्रवार को सुप्रीम इंडस्ट्रीज (Supreme Industries) के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने अपने निवेशकों को ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया, लेकिन तिमाही नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते निवेशक खासे निराश दिखे। सुप्रीम इंडस्ट्रीज का शेयर दिन के कारोबार में करीब 4% तक फिसलकर औंधे मुंह गिर गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के मुनाफे में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई, जिसकी वजह से बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कंपनी ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए कहा कि उसका शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर मामूली बढ़त के साथ ₹540 करोड़ के आसपास रहा, जबकि राजस्व (Revenue) में बहुत अधिक उछाल नहीं आया। विश्लेषकों की उम्मीद थी कि कंपनी बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन विस्तार दिखाएगी, लेकिन रॉ मटेरियल कॉस्ट और कमजोर डिमांड के कारण परिणाम सीमित रहे।
डिविडेंड की घोषणा के बावजूद निवेशकों को संतुष्टि नहीं मिली क्योंकि बाजार की नजर मुनाफे की गुणवत्ता और भविष्य की ग्रोथ पर होती है। कई ब्रोकरेज हाउसेज़ ने भी कंपनी पर ‘Neutral’ रेटिंग बनाए रखी है, जबकि कुछ ने कहा है कि वर्तमान वैल्यूएशन पर नए निवेश से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
सुप्रीम इंडस्ट्रीज देश की अग्रणी प्लास्टिक उत्पाद निर्माता कंपनियों में से एक है और इसका बिजनेस मॉडल निर्माण, पैकेजिंग और उपभोक्ता उत्पादों से जुड़ा है। बीते कुछ महीनों में कंपनी ने रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग में गिरावट का सामना किया है, जिसका सीधा असर उसकी लाभप्रदता पर पड़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का दीर्घकालिक प्रदर्शन स्थिर रह सकता है, लेकिन निकट भविष्य में शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि कंपनी आने वाली तिमाही में मार्जिन सुधारने और बिक्री बढ़ाने में सफल होती है, तो शेयर फिर से तेजी पकड़ सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे फिलहाल डिविडेंड के लालच में जल्दबाजी न करें और कंपनी के आगे के नतीजों और प्रबंधन के बयान पर नजर रखें। सुप्रीम इंडस्ट्रीज का यह उदाहरण बताता है कि सिर्फ डिविडेंड की घोषणा बाजार में खुशी नहीं ला सकती, असली खेल कंपनी की ग्रोथ और मुनाफे में छिपा होता है।



