अनिल अग्रवाल को झटका, 60 दिन बंद रहेगा कॉपर प्लांट

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के लिए कॉपर कारोबार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जाम्बिया में वेदांता की कंपनी Konkola Copper Mines (KCM) ने अपने प्रमुख Nchanga Smelter को 60 दिनों के लिए बंद कर दिया है। कंपनी के अनुसार यह शटडाउन नियमित रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए किया गया है, ताकि भविष्य में उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाया जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, Nchanga स्मेल्टर ने वर्ष 2025 में 80,000 मीट्रिक टन से अधिक कॉपर का उत्पादन किया था। वेदांता का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाना है। हालांकि फिलहाल 60 दिन की इस बंदी से बाजार में कॉपर की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेष चिंता की बात यह है कि इसी अवधि में जाम्बिया के दो अन्य बड़े प्रोसेसिंग प्लांट—Mopani और Chambishi—भी रखरखाव कार्यों से प्रभावित हैं। इसका मतलब है कि जून से सितंबर के बीच देश की तीन प्रमुख कॉपर प्रोसेसिंग इकाइयों की क्षमता प्रभावित रहेगी। इससे कॉपर के साथ-साथ सल्फ्यूरिक एसिड की सप्लाई भी घट सकती है, जो कॉपर और कोबाल्ट उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन एनर्जी, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र में कॉपर की मांग लगातार बढ़ रही है, सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा कीमतों को सहारा दे सकती है। हाल के महीनों में खुद अनिल अग्रवाल भी वैश्विक स्तर पर कॉपर की बढ़ती मांग को लेकर कई बार जोर दे चुके हैं।
बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि यह शटडाउन तय समय पर पूरा होता है या नहीं। यदि मरम्मत कार्य लंबा खिंचता है, तो वैश्विक कॉपर बाजार में सप्लाई टाइट हो सकती है, जिसका असर कीमतों और कॉपर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।



