शेयर फ्रीज मामले में BSE को झटका

दिवालिया कंपनियों के शेयरों को फ्रीज करने के फैसले पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी Bombay Stock Exchange (BSE) को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए एक्सचेंज को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त कानूनी आधार के ऐसे फैसले निवेशकों के हितों के खिलाफ हो सकते हैं।
मामला उन कंपनियों से जुड़ा है जो दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं और जिनके शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही थी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के फैसले पारदर्शिता और नियामकीय प्रक्रिया का पालन किए बिना नहीं लिए जा सकते। साथ ही, निवेशकों के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
इस फैसले के बाद बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश भविष्य में स्टॉक एक्सचेंजों के फैसलों पर एक महत्वपूर्ण मिसाल बनेगा। निवेशकों को भी सलाह दी जा रही है कि वे ऐसी कंपनियों में निवेश करते समय जोखिम को समझें और किसी भी अचानक नियामकीय फैसले के लिए तैयार रहें।



