Silver Price Boom: लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड हाई, जानें एक्सपर्ट के अनुसार उछाल की 4 बड़ी वजहें

चांदी ने लगातार दूसरे दिन इतिहास रचते हुए निवेशकों को चौंका दिया, जब कुछ ही घंटों में इसके दाम लगभग ₹9200 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए और बाजार में अचानक जबरदस्त हलचल देखी गई। यह उछाल इतना तेज था कि ट्रेडर्स और निवेशक दोनों इसे लेकर हैरान भी दिखे और उत्साहित भी, क्योंकि चांदी की कीमतें सामान्य तौर पर सोने की तुलना में धीमी रफ्तार से चलती हैं, लेकिन इस बार चांदी ने सोने से भी ज्यादा आक्रामक रैली दिखा दी। एक्सपर्ट्स के अनुसार इसमें चार प्रमुख कारण शामिल हैं, जिनकी वजह से चांदी जैसी इंडस्ट्रियल और प्रेशियस मेटल एक साथ दो मोर्चों पर चमक गई। पहला कारण है वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, जिसके चलते निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स की ओर भाग रहे हैं और चांदी को सोने के सस्ते विकल्प के रूप में बड़ी मात्रा में खरीदा जा रहा है। दूसरा कारण है उद्योगों में चांदी की बढ़ती मांग, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, जहां चांदी की खपत लगातार तेज़ी से बढ़ रही है और सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही। तीसरा बड़ा कारण है डॉलर इंडेक्स में कमजोरी, जिसकी वजह से कीमती धातुओं की कीमतें स्वाभाविक रूप से ऊपर जाती हैं और विदेशी बाजारों में मजबूत खरीदारी देखी जाती है। चौथा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है फ्यूचर्स मार्केट में आक्रामक शॉर्ट कवरिंग, यानी पहले दाम गिरने की उम्मीद में बेचने वाले ट्रेडर्स को अचानक बढ़ते दामों के कारण अपने नुकसान से बचने के लिए मजबूर होकर खरीदारी करनी पड़ी, जिससे कीमतें और तेजी से ऊपर चली गईं। इन चारों कारणों के संयोजन ने चांदी को दो दिनों में ही नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया। भारत में भी ज्वैलरी ट्रेडर्स और बुलियन मार्केट में भारी हलचल दिखी, जहां रिटेल खरीदारी थोड़े समय के लिए धीमी हुई लेकिन निवेशकों की मांग बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार की स्थिति ऐसी ही रही तो चांदी आने वाले दिनों में और रिकॉर्ड कायम कर सकती है, हालांकि खरीदारों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इस तरह के तेज़ उछाल के बाद अक्सर कीमतों में हल्की करेक्शन भी देखने को मिलती है। कुल मिलाकर, चांदी का यह रिकॉर्ड रैली संकेत देती है कि आने वाले महीनों में इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट दोनों मांगें मिलकर इस धातु को फिर सुर्खियों में ला सकती हैं।



