Stock Market Today: पश्चिम एशिया तनाव से Sensex 374 अंक टूटा, ये सेक्टर रहे कमजोर

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 373.93 अंक यानी करीब 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,570.35 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 141.35 अंक यानी करीब 0.59 प्रतिशत टूटकर 23,914.45 पर पहुंच गया।
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए खास चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने पर आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर होती है।
सेक्टर्स की बात करें तो बुधवार को बाजार में व्यापक कमजोरी रही। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो और आईटी शेयरों पर खास दबाव देखा गया।
रियल एस्टेट, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर भी कमजोर रहे। इन क्षेत्रों में बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया। वहीं कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की पूरी तस्वीर एकतरफा नहीं रही।
बाजार की गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। कोल इंडिया में करीब 4.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। ब्रोकरेज उम्मीदों के चलते कंपनी की कमाई में सुधार की संभावना को इसके पीछे एक वजह माना गया।
दूसरी ओर, हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में करीब 4.6 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी से जुड़े निर्यात और बाजार हिस्सेदारी को लेकर चिंताओं का असर शेयर पर देखने को मिला।
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की नजर तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचने से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं।
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेंगी। अगर भू-राजनीतिक तनाव लंबा खिंचता है और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो बाजार में volatility बढ़ सकती है।
हालांकि बाजार में गिरावट के बावजूद सभी शेयरों और सेक्टर्स में बिकवाली नहीं रही। कुछ कंपनियों में मजबूती बनी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों पर दांव लगा रहे हैं और पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं हो रहे।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया का तनाव और महंगा कच्चा तेल फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। 2 सितंबर को सेंसेक्स करीब 374 अंक और निफ्टी 141 अंक गिरा। अब निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के अगले घटनाक्रम, तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगी।



