Sugar Price 2026: नए सीजन से पहले चीनी स्टॉक पर बढ़ी चिंता

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने सरकार और चीनी उद्योग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। नए चीनी सीजन 2026-27 के शुरू होने से पहले बाजार में उपलब्ध स्टॉक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवारे ने सरकार से वास्तविक चीनी स्टॉक के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
NFCSF का अनुमान है कि मौजूदा सीजन के अंत यानी 30 सितंबर तक देश में चीनी का क्लोजिंग स्टॉक करीब 35 लाख टन रह सकता है। यह स्थिति नए सीजन के शुरुआती महीनों में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा रही है। हालांकि, अक्टूबर में नई पेराई शुरू होने के बाद उत्पादन बाजार में आने लगेगा और दिसंबर से आपूर्ति में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
चीनी की कीमतों में पिछले एक महीने में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खुदरा बाजार में अखिल भारतीय औसत कीमत करीब 8 प्रतिशत और थोक कीमत करीब 7 प्रतिशत बढ़ी है। दिल्ली और एनसीआर में भी चीनी के दाम तेजी से ऊपर गए हैं। नाइकनवारे ने इस तेजी को असामान्य बताते हुए कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा रफ्तार चिंता का विषय है।
सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए 24 जुलाई को सभी चीनी मिलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया था। इसके बाद 28 जुलाई से कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट भी लागू की गई, जिसके तहत 30 नवंबर तक एक समय में अधिकतम 400 टन चीनी रखने की सीमा तय की गई है।
NFCSF का कहना है कि स्टॉक सत्यापन पूरा होने के बाद सरकार को वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए। इससे बाजार में मौजूद सप्लाई को लेकर अटकलें कम होंगी और कीमतों पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। नाइकनवारे के अनुसार, बाजार में चीनी की संभावित कमी को लेकर पहले ही चर्चा है और इसी वजह से कुछ कारोबारी गतिविधियां कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
नई पेराई को लेकर भी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। मिलों को अक्टूबर में जल्द पेराई शुरू करने के लिए कहा गया है, ताकि शुरुआती महीनों में अतिरिक्त चीनी बाजार में लाई जा सके। हालांकि, मिल संचालकों ने कम गन्ना रिकवरी का हवाला देते हुए शुरुआती पेराई के लिए प्रोत्साहन की मांग की है।
चीनी की उपलब्धता पर एथेनॉल उत्पादन का भी असर पड़ सकता है। NFCSF के अनुसार मौजूदा सीजन में करीब 24 लाख टन चीनी एथेनॉल उत्पादन की ओर डायवर्ट होने का अनुमान है। यदि घरेलू सप्लाई सीमित रहती है, तो अगले सीजन में इस डायवर्जन पर सरकार की ओर से कुछ प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
कुल मिलाकर, नए सीजन से पहले चीनी के स्टॉक और कीमतों पर नजर बनी हुई है। सरकार की ओर से स्टॉक सत्यापन के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने पर बाजार को सप्लाई की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सरकार का फोकस घरेलू बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने और कीमतों में अनावश्यक तेजी रोकने पर है।



