
अमेरिका और NATO के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोप में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे ट्रांसअटलांटिक सुरक्षा साझेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है विवाद की वजह?
- 🇺🇸 ट्रंप का दावा: यूरोप को अपनी सुरक्षा का ज्यादा खर्च खुद उठाना चाहिए
- 🇪🇺 NATO देशों में चिंता: अमेरिकी सुरक्षा गारंटी कमजोर हो सकती है
- 🪖 यूरोप से अमेरिकी सेना की संभावित वापसी की चर्चा
रूस क्यों हो सकता है लाभ में?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यूरोप से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम होती है तो:
- रूस का रणनीतिक दबाव बढ़ सकता है
- NATO की एकजुटता पर असर पड़ सकता है
- पूर्वी यूरोप में सुरक्षा संतुलन बदल सकता है
NATO की प्रतिक्रिया
NATO के सदस्य देशों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और कहा है कि सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना किसी के हित में नहीं होगा।
निष्कर्ष
US-NATO विवाद सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा ढांचे पर बड़ा असर डालने वाला मुद्दा बनता जा रहा है। ट्रंप की नीति से यूरोप और रूस दोनों की रणनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
Computer Jagat 24
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June 19, 2026



