Trump Reception: ये हैं वो 7 भारतीय CEO जिनकी ग्लोबल कंपनियों में है बड़ी पकड़

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक खास रिसेप्शन को लेकर दुनियाभर में चर्चा तेज है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति के साथ-साथ बिजनेस जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी भी सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रिसेप्शन में भारतीय मूल के 7 ऐसे CEO शामिल हो सकते हैं, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों की कमान संभाल रहे हैं। इन भारतीय CEO ने न सिर्फ अपने टैलेंट से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी को भी नई दिशा दी है।
इस सूची में सबसे बड़ा नाम गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई का माना जाता है। टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी कंपनी का मार्केट वैल्यू अरबों डॉलर में है और डिजिटल दुनिया में गूगल की पकड़ किसी से छिपी नहीं है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला भी इस रिसेप्शन में शामिल होने वाले प्रमुख भारतीय चेहरों में गिने जा रहे हैं। नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड और AI के क्षेत्र में जबरदस्त विस्तार किया है।
IBM के CEO अरविंद कृष्णा भी भारतीय मूल के उन दिग्गजों में शामिल हैं, जिन्होंने पारंपरिक टेक कंपनी को नए जमाने की टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा। Adobe के CEO शांतनु नारायणन ने डिजिटल क्रिएटिविटी की दुनिया में कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसके अलावा नोवार्टिस के CEO वसंत नारसिम्हन फार्मा सेक्टर में बड़ा नाम हैं और उनकी कंपनी हेल्थकेयर इनोवेशन में अग्रणी मानी जाती है।
FMCG और कंज्यूमर सेक्टर की बात करें तो चैनल (Chanel) की CEO लीना नायर भी भारतीय मूल की हैं, जिन्होंने लग्जरी ब्रांड को नई सामाजिक और मैनेजमेंट सोच दी है। वहीं वर्ल्ड बैंक के पूर्व प्रमुख और मास्टरकार्ड के CEO रहे अजय बंगा भी ग्लोबल फाइनेंस की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के इस रिसेप्शन में इन भारतीय CEO की मौजूदगी भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है। यह साबित करता है कि भारतीय टैलेंट आज सिर्फ देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों और मंचों पर नेतृत्व कर रहा है।



