स्मॉल कैप फंड क्या होते हैं और क्या आपको इनमें निवेश करना चाहिए? 3 साल के रिटर्न का विश्लेषण

स्मॉल कैप फंड वे म्यूचुअल फंड होते हैं जो मुख्य रूप से उन कंपनियों में निवेश करते हैं जिनका बाजार पूंजीकरण अपेक्षाकृत छोटा होता है। भारतीय शेयर बाजार में टॉप 250 कंपनियों के बाद आने वाली कंपनियों को स्मॉल कैप श्रेणी में रखा जाता है। ये कंपनियां आकार में भले छोटी हों, लेकिन इनमें तेजी से बढ़ने की क्षमता अधिक होती है। इसी वजह से जब बाजार में तेजी का दौर आता है तो स्मॉल कैप फंड अक्सर बड़े और मिड कैप फंड्स से ज्यादा रिटर्न दे देते हैं। पिछले तीन वर्षों में कुछ प्रमुख फंड्स जैसे Nippon India Small Cap Fund, SBI Small Cap Fund और HDFC Small Cap Fund ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिया है। कई फंड्स ने 3 साल की अवधि में सालाना 25 से 35 प्रतिशत तक का औसत रिटर्न दर्ज किया, हालांकि वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।
हालांकि, स्मॉल कैप फंड में निवेश करना उतना आसान नहीं है जितना ऊंचे रिटर्न देखकर लगता है। इनमें उतार-चढ़ाव यानी वोलैटिलिटी काफी ज्यादा होती है। बाजार में गिरावट आने पर ये फंड तेजी से नीचे भी आ सकते हैं। इसलिए इन फंड्स में निवेश उन्हीं लोगों को करना चाहिए जिनका निवेश लक्ष्य लंबी अवधि यानी कम से कम 5 से 7 साल का हो और जो जोखिम उठाने की क्षमता रखते हों। यदि आप युवा निवेशक हैं और आपके पास नियमित आय का स्रोत है, तो पोर्टफोलियो का एक सीमित हिस्सा स्मॉल कैप फंड में लगाया जा सकता है। वहीं, रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके या कम जोखिम लेने वाले निवेशकों को इसमें बहुत अधिक हिस्सा नहीं रखना चाहिए।
निवेश से पहले फंड का पिछला प्रदर्शन, फंड मैनेजर का अनुभव, एक्सपेंस रेशियो और पोर्टफोलियो की गुणवत्ता जरूर जांचें। केवल पिछले तीन साल के ऊंचे रिटर्न देखकर निवेश का फैसला न लें, क्योंकि बाजार चक्र बदलते रहते हैं। सही रणनीति यह है कि SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करें और लंबी अवधि तक धैर्य बनाए रखें। स्मॉल कैप फंड में सही समय और अनुशासन के साथ निवेश किया जाए तो यह आपके धन सृजन का मजबूत माध्यम बन सकता है, लेकिन बिना समझे किया गया निवेश नुकसान भी पहुंचा सकता है।



