यथार्थ हॉस्पिटल शेयर 52 हफ्ते के हाई पर, Aster-Advent की नजर

शेयर बाजार में शुक्रवार को यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज के शेयरों पर निवेशकों की नजर रही। कंपनी का शेयर करीब 5% से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गया। बाजार में तेजी की मुख्य वजह कंपनी में संभावित कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने को लेकर सामने आई रिपोर्टें रहीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, Aster DM Quality Care और Advent International यथार्थ हॉस्पिटल में बड़ी हिस्सेदारी लेने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। Aster DM Quality Care को Blackstone का समर्थन प्राप्त है। अगर ऐसी डील आगे बढ़ती है तो यह भारतीय हॉस्पिटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन हो सकता है।
इस खबर का असर शेयर की कीमत पर तुरंत दिखाई दिया। BSE पर यथार्थ हॉस्पिटल का शेयर ₹1,024.95 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव ₹970.25 के मुकाबले करीब 5.63% की तेजी थी। कारोबार के दौरान स्टॉक ने नया रिकॉर्ड स्तर बनाया।
हालांकि, संभावित डील को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यथार्थ हॉस्पिटल और Blackstone ने इस तरह की डील से इनकार किया है। इसलिए निवेशकों को इसे अभी केवल संभावित बातचीत या बाजार में चल रही खबर के तौर पर देखना चाहिए, न कि पक्के अधिग्रहण के रूप में।
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो जून तिमाही के अंत में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के पास करीब 55.80% हिस्सेदारी थी। रिपोर्ट के अनुसार, कंट्रोलिंग हिस्सेदारी से जुड़ा कोई ट्रांजैक्शन होने पर 26% हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर की जरूरत पड़ सकती है।
यथार्थ हॉस्पिटल के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने हालिया तिमाही में ₹392.7 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 51% अधिक था। वहीं कंपनी का EBITDA ₹91.7 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹45.4 करोड़ रहा।
हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार बढ़ती निवेश गतिविधियों के बीच यथार्थ हॉस्पिटल जैसी कंपनियां रणनीतिक निवेशकों और प्राइवेट इक्विटी फर्मों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। हालांकि, शेयर में तेज उछाल के बाद निवेशकों को संभावित डील की आधिकारिक पुष्टि और कंपनी के आगे के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
कुल मिलाकर, यथार्थ हॉस्पिटल के शेयर में आई तेजी संभावित हिस्सेदारी खरीद की खबरों और कंपनी के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन से जुड़ी है। लेकिन अभी तक किसी पक्के अधिग्रहण की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में निवेश का फैसला केवल बाजार की खबरों और अचानक आई तेजी के आधार पर लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और जोखिमों को देखकर करना बेहतर होगा।



