‘राम बोला’ फिल्म का ऐलान, तुलसीदास की जीवनी दिखाएंगे विशाल चतुर्वेदी

फिल्म इंडस्ट्री में आध्यात्मिक और भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों पर आधारित एक और बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान हुआ है। ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी अब महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जिंदगी को फिल्मी पर्दे पर लाने की तैयारी में हैं। उनकी नई फिल्म का नाम ‘राम बोला’ रखा गया है।
‘राम बोला’ की घोषणा 14 सितंबर 2026 को की गई। इस प्रोजेक्ट में विशाल चतुर्वेदी के साथ महावीर जैन फिल्म्स जुड़ी है। फिल्म में तुलसीदास के जीवन, उनकी भक्ति और आध्यात्मिक परिवर्तन की यात्रा को केंद्र में रखने की बात कही गई है।
विशाल चतुर्वेदी इस फिल्म की कहानी लिखने के साथ निर्देशन भी करेंगे। यानी फिल्म की रचनात्मक दिशा पूरी तरह उनके विजन के अनुसार तैयार की जाएगी। ‘हनुमान अंश’ के बाद यह उनका अगला बड़ा प्रोजेक्ट होगा, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ना स्वाभाविक है।
गोस्वामी तुलसीदास भारतीय भक्ति साहित्य के प्रमुख संत-कवियों में गिने जाते हैं। उनका सबसे प्रसिद्ध ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ है, जबकि हनुमान चालीसा समेत उनकी कई रचनाएं आज भी व्यापक रूप से पढ़ी और गाई जाती हैं।
‘राम बोला’ का नाम भी तुलसीदास के जीवन से जुड़े उनके शुरुआती नाम रामबोला से जुड़ा है। परंपरागत जीवन-वृत्तांतों में बताया जाता है कि बचपन में उन्हें रामबोला नाम से जाना जाता था और आगे चलकर उनकी आध्यात्मिक यात्रा ने उन्हें गोस्वामी तुलसीदास के रूप में स्थापित किया।
फिल्म में तुलसीदास के जीवन के उन पहलुओं को दिखाने की कोशिश की जाएगी, जिनसे उनकी भक्ति, साहित्य और आध्यात्मिक व्यक्तित्व को समझने में मदद मिलती है। निर्माताओं के मुताबिक कहानी उनके जीवन और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास होगी।
‘राम बोला’ को महावीर जैन, विशाल चतुर्वेदी, अमित उपाध्याय और रघुवेंद्र सिंह प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म को महावीर जैन फिल्म्स प्रस्तुत करेगी। हालांकि अभी फिल्म की स्टारकास्ट और शूटिंग शुरू होने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी का एक और भारतीय संत और आध्यात्मिक व्यक्तित्व पर फिल्म बनाना उनके सिनेमा की दिशा को भी दिखाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘राम बोला’ में तुलसीदास के जीवन और रामभक्ति की कहानी को किस तरह सिनेमाई रूप दिया जाता है।



