कहां गई सिनेमा की ‘गुड्डी’? पर्दे की चमक छोड़ अब गुमनामी में जी रही हैं जया भादुड़ी की ये प्यारी किरदार

भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर की बात करें तो 1971 में आई फिल्म ‘गुड्डी’ एक ऐसी फिल्म थी जिसने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म में जया भादुड़ी (अब जया बच्चन) ने एक मासूम स्कूल गर्ल ‘गुड्डी’ का किरदार निभाया था, जो बॉलीवुड स्टार धर्मेंद्र की दीवानी होती है। जया की सादगी, भोलेपन और प्राकृतिक अभिनय ने दर्शकों को मोह लिया था। इस फिल्म से उन्होंने न केवल अपने अभिनय करियर की मजबूत शुरुआत की बल्कि यह साबित कर दिया कि एक्ट्रेस बिना ग्लैमर के भी दर्शकों का दिल जीत सकती है।
लेकिन वक्त के साथ सिनेमा और उसके किरदार बदलते गए। जिस ‘गुड्डी’ ने पर्दे पर मासूमियत की पहचान बनाई थी, वो आज फिल्म इंडस्ट्री की भाग-दौड़ से दूर एक सुकून भरा जीवन जी रही हैं। जया भादुड़ी ने फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीतिक और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी। हालांकि वे समय-समय पर कुछ फिल्मों में नजर आईं—जैसे ‘फिजा’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘कल हो ना हो’—लेकिन अब वे सिल्वर स्क्रीन से लगभग गायब हैं।
‘गुड्डी’ जैसी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी थी, जहां कहानी आम इंसान की भावनाओं और वास्तविक जीवन से जुड़ी होती थी। उस दौर में जया जैसी अभिनेत्रियां ग्लैमर से ज्यादा संवेदनशीलता और अभिनय कौशल के लिए जानी जाती थीं। आज जब सिनेमा का फोकस चमक-दमक और विजुअल इफेक्ट्स पर है, तब ‘गुड्डी’ जैसे किरदारों की यादें सादगी की मिसाल बनकर रह गई हैं।
कई फिल्म समीक्षक मानते हैं कि ‘गुड्डी’ ने भारतीय समाज में सिनेमा और स्टारडम के प्रति नजरिया बदल दिया। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक पीढ़ी की भावनाओं की कहानी थी। आज भले ही जया भादुड़ी गुमनामी में हों, लेकिन ‘गुड्डी’ का वो भोला चेहरा और मुस्कान अब भी भारतीय सिनेमा की विरासत में अमर है।



