यूपी में सीएम योगी का बड़ा बयान: आरएसएस जन सहयोग से चलता है, फंडिंग से नहीं

उत्तर प्रदेश में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरएसएस किसी फंडिंग से नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से जन सहयोग और समाज की सहभागिता से चलता है। सीएम योगी के इस बयान ने एक बार फिर संघ की कार्यप्रणाली और उसके सामाजिक दृष्टिकोण पर चर्चा को तेज कर दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता बिना किसी लालच, स्वार्थ या पद की इच्छा के राष्ट्र निर्माण की भावना से काम करता है। इसी कारण संघ की पकड़ समाज के हर वर्ग में मजबूत होती जा रही है।
कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका और समाज के प्रति उत्तरदायित्व पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसे लोगों की जरूरत है, जो अर्जुन की तरह एकाग्र होकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने अर्जुन के उदाहरण से समझाया कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता निश्चित होती है। इसी भाव को उन्होंने आज के स्वयंसेवकों और देश के युवाओं से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रहित में निष्ठा, सेवा और त्याग सबसे बड़ी पूंजी है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि आरएसएस को अक्सर गलत तरीके से पेश किया जाता है, जबकि सच यह है कि संघ की नींव सेवा, शिक्षा, और सामाजिक उत्थान पर टिकी है। उन्होंने बताया कि चाहे प्राकृतिक आपदा हो, सामाजिक संकट हो या राष्ट्रहित का कोई बड़ा अभियान—संघ के कार्यकर्ता बिना प्रचार की इच्छा के आगे बढ़ते हैं और अपनी पूरी शक्ति समाज के लिए समर्पित करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने संघ के योगदान को ‘भारत की सबसे संगठित और अनुशासित सामाजिक शक्ति’ बताया। उन्होंने कहा कि जन सहयोग ही संघ की सबसे बड़ी शक्ति है और यही मॉडल भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समग्र रूप से, यह कार्यक्रम न सिर्फ संघ की विचारधारा को मजबूती देता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि समाज और शासन दोनों की संयुक्त सहभागिता से ही राष्ट्र का निर्माण संभव है। सीएम योगी और मोहन भागवत के इन बयानों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि आरएसएस का आधार धन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास और सहयोग है।



