CM योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनी समस्याएँ, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 24 नवंबर 2025 को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में जनता दर्शन का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएँ उनके समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा तत्काल राहत देने और समस्याओं के तेजी से निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनता दर्शन एक ऐसा प्रभावी मंच बन गया है, जहाँ आम नागरिक बिना किसी मध्यस्थ के सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी समस्याएँ पहुँचा सकते हैं। इससे जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
जनता दर्शन में उपस्थित लोगों में अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, स्वास्थ्य उपचार, आर्थिक सहायता, कानून-व्यवस्था, आवास एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी थीं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को जन-हित के मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ ईमानदारी और समय पर पहुँचे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सुनिश्चित किया कि जिन लोगों को इलाज की आवश्यकता है, उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार के अत्याचार, उत्पीड़न या अव्यवस्था की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें। जनता दर्शन में आए बुजुर्गों, महिलाओं और विकलांगजनों की समस्याओं को प्राथमिकता देकर निपटाने पर मुख्यमंत्री ने विशेष बल दिया।
जनता दर्शन की यह प्रक्रिया न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद करती है बल्कि सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री की यह पहल उत्तर प्रदेश को सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रही है। जनता के प्रति इस प्रकार की प्रतिबद्धता से लोगों में यह विश्वास और मजबूत होता है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।



