
कनाडा में एक बार फिर गैंगवार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में ट्रक ड्राइवरों के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच अंधाधुंध फायरिंग की घटना सामने आई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से स्थानीय समुदाय के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों में भी चिंता का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, यह गैंगवार लंबे समय से चल रहे आपसी विवाद का नतीजा बताया जा रहा है। दोनों गुट ट्रकिंग व्यवसाय से जुड़े हुए थे और कथित तौर पर काम, इलाके के नियंत्रण और वर्चस्व को लेकर इनके बीच तनातनी चल रही थी। विवाद इतना बढ़ गया कि एक जगह आमने-सामने आने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलियां चला दीं। फायरिंग के दौरान कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे आसपास के लोग जान बचाकर सुरक्षित स्थानों पर छिपने को मजबूर हो गए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोगों के घायल होने की सूचना जरूर सामने आई है। पुलिस ने मौके से हथियार और कई अहम सबूत बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के तार किसी बड़े संगठित अपराध गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
कनाडाई पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी भारतीय मूल के हैं और वे पिछले कुछ समय से ट्रक ड्राइविंग के काम से जुड़े हुए थे। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड, इमिग्रेशन स्टेटस और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस गैंगवार का संबंध हाल के दिनों में बढ़ी गैंग गतिविधियों से तो नहीं है।
इस घटना के बाद कनाडा में प्रवासी समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में गैंग से जुड़ी हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जिनमें प्रवासी भी कई बार शामिल पाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो।



