
नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नाविकों की हिफाजत सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा हुआ है। भारत के लिए ऊर्जा और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में समुद्री मार्गों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रधानमंत्री ने फ्री नेविगेशन और सुरक्षित समुद्री आवाजाही को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी भी क्षेत्रीय तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर नहीं पड़ना चाहिए।
BRICS मंच पर आर्थिक सहयोग के साथ-साथ मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को लेकर भी चर्चा हो रही है। सम्मेलन में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई-चेन सहयोग को मजबूत करने के लिए एक फ्रेमवर्क पर भी काम किया जा रहा है।
पीएम मोदी का यह रुख अमेरिका, ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत की संतुलित कूटनीति को भी दर्शाता है। भारत लगातार संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर देता रहा है। वहीं समुद्री व्यापार की सुरक्षा भारत की ऊर्जा और आर्थिक जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बातचीत में भी पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र के संघर्षों से प्रभावित समुद्री व्यापार तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। दोनों नेताओं ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा की।
कुल मिलाकर, BRICS में पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट है कि वैश्विक आर्थिक विकास के लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते, निर्बाध व्यापार और नाविकों की सुरक्षा जरूरी है। भारत इस मुद्दे को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रहा है।



