MT Unity टैंकर फिलहाल ओडिशा के पारादीप पोर्ट के पास अदालत के आदेश के कारण हिरासत में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 18 सितंबर को कहा कि भारत इस मामले से अवगत है और रूसी दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है।
टैंकर की हिरासत ओडिशा हाई कोर्ट के आदेश के तहत हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह मामला जहाज से जुड़े भुगतान विवाद के बाद अदालत तक पहुंचा और इसी वजह से टैंकर को रोका गया।
इस बीच रूसी नाविकों के रोजगार अनुबंध समाप्त होने और वेतन बकाया रहने की जानकारी भी सामने आई है। ILO-IMO के रिकॉर्ड के अनुसार, चालक दल की ओर से स्वदेश वापसी की मांग की गई है। रूसी कांसुलेट जनरल ने भी नाविकों के अनुबंध खत्म होने और वेतन बकाया होने की जानकारी दी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर करीब 23 सदस्यीय चालक दल था, जिसमें 20 रूसी नागरिकों के अलावा एक कजाख और दो मिस्र के नागरिक शामिल थे। चालक दल की वापसी को लेकर अगली अदालती सुनवाई 21 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत रूसी दूतावास के संपर्क में है और रूसी क्रू की स्वदेश वापसी के लिए उचित कार्रवाई की जा रही है। वहीं, टैंकर से जुड़े कानूनी और वित्तीय विवाद अदालत की प्रक्रिया के अधीन हैं।