3 से 77’ का करिश्मा: अमित शाह की भविष्यवाणी, बंगाल में भाजपा सरकार का दावा

भारतीय राजनीति में आंकड़ों की अपनी खास भूमिका होती है और जब ये आंकड़े चुनावी रणनीति से जुड़ जाएं, तो उनका असर और भी गहरा हो जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए ‘3 से 77’ के करिश्माई आंकड़े का जिक्र किया है। शाह का कहना है कि जिस तरह भाजपा ने बंगाल में अपनी सीटों की संख्या 3 से बढ़ाकर 77 तक पहुंचाई है, वही रुझान आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने का आधार बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि कभी पश्चिम बंगाल में भाजपा का नाम मात्र का अस्तित्व था। लोकसभा चुनावों में पार्टी सिर्फ 3 सीटों तक सिमटी हुई थी, लेकिन संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर काम और जनता से सीधे संवाद के दम पर भाजपा ने 77 लोकसभा सीटों तक का सफर तय किया। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बदलाव का संकेत है। शाह के मुताबिक यह साफ दिखाता है कि राज्य की जनता विकल्प तलाश रही है और भाजपा उस विकल्प के रूप में उभर रही है।
शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से सत्ता में रहने के कारण राज्य में भ्रष्टाचार, हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति हावी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब इस राजनीति से ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है। ‘3 से 77’ का सफर इस असंतोष का प्रमाण है, जिसे आने वाले चुनावों में वोटों के रूप में देखा जाएगा।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि जिस तरह लोकसभा चुनावों में पार्टी को लगातार बढ़त मिली, उसी तरह विधानसभा चुनाव में भी इसका असर दिखेगा। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि अगला पड़ाव राज्य में भाजपा सरकार बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर और मजबूत पकड़ बनाने, हर वर्ग तक पहुंचने और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ‘3 से 77’ का आंकड़ा भाजपा के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर देता है, लेकिन बंगाल की राजनीति जटिल है और यहां मुकाबला आसान नहीं होगा। इसके बावजूद अमित शाह की यह भविष्यवाणी साफ संकेत देती है कि भाजपा बंगाल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।



