
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में बांग्लादेश से जुड़े कुछ भारत विरोधी बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्यधारा से अलग करने की किसी भी मंशा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम सरमा ने इसे न केवल खतरनाक सोच बताया, बल्कि देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया। उनका कहना था कि पूर्वोत्तर भारत देश का अभिन्न हिस्सा है और यहां की जनता राष्ट्रहित के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें जानबूझकर ऐसे बयान देती हैं, जिनका उद्देश्य भारत के खिलाफ माहौल बनाना और सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता फैलाना होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्वोत्तर राज्यों ने विकास, शांति और लोकतंत्र के रास्ते पर तेजी से प्रगति की है, जिसे देखकर कुछ तत्व परेशान हैं। ऐसे में भारत विरोधी बयान देकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
हिमंत सरमा ने सुरक्षा एजेंसियों और केंद्र सरकार की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हर तरह की साजिश पर पैनी नजर रखे हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और वहां रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूर्वोत्तर के लोगों ने हमेशा देश की एकता और अखंडता को प्राथमिकता दी है और भविष्य में भी किसी भी अलगाववादी सोच को सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों से सावधान रहें। सीएम ने कहा कि गलत सूचनाओं के जरिए समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है, लेकिन जागरूकता और एकजुटता से ही ऐसी साजिशों को नाकाम किया जा सकता है।



