चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि इस हत्या की साजिश बंगाल की एक जेल में रची गई थी। जांच के दौरान पता चला कि गैंगस्टर शेरू, जो इस समय जेल में बंद है, ने अपने खास गुर्गे को मिश्रा की हत्या की सुपारी दी थी। यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी जिसे बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शेरू ने जेल से ही मोबाइल फोन के जरिए अपने नेटवर्क को एक्टिव किया और मिश्रा की हत्या की पूरी योजना तैयार की। उसने अपने सबसे भरोसेमंद शूटर को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी और बाहर बैठे गुर्गों ने मौके का फायदा उठाकर मिश्रा को गोलियों से भून दिया। यह पूरा ऑपरेशन पैसे, रंजिश और इलाके में दबदबे को लेकर अंजाम दिया गया।
जांच एजेंसियों ने अब तक कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस ने बताया कि शेरू का जेल में भी एक सक्रिय नेटवर्क है, जो लगातार बाहर के गुर्गों के साथ संपर्क में रहता है। यही नहीं, जेल के अंदर से मर्डर प्लानिंग और बाहर तक के क्रियान्वयन तक का पूरा सिस्टम बेहद प्रोफेशनल तरीके से चलाया गया।
इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर कैसे कोई अपराधी जेल में रहते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने की हिम्मत करता है? पुलिस अब जेल स्टाफ की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि बिना किसी अंदरूनी सहयोग के ऐसा मुमकिन नहीं लगता।
चंदन मिश्रा हत्याकांड न सिर्फ एक गैंगवार का हिस्सा बन चुका है, बल्कि यह पूरे राज्य में अपराध और जेल सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि शेरू के नेटवर्क को कब तक पूरी तरह से तोड़ा जा सकेगा और क्या इस केस के जरिए भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सकेगा।



