डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का ऐलान, फाइलेरिया उन्मूलन को तेज करेगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया जैसी गंभीर और लंबे समय तक विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने घोषणा की है कि राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर करीब 1.40 करोड़ लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा दी जाएगी। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत संचालित होगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने का काम करेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा लेने से छूटे नहीं, क्योंकि सामूहिक रूप से दवा सेवन ही इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। फाइलेरिया मच्छरों के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है, जो शरीर के अंगों में सूजन और स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। इसलिए समय पर बचाव और जागरूकता बेहद जरूरी है। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान दवा की उपलब्धता, निगरानी और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए। आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों को भी इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए लगाया जाएगा। साथ ही लोगों को यह समझाया जाएगा कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में ही लेना है। सरकार का मानना है कि जनभागीदारी के बिना इस तरह की बीमारी पर नियंत्रण संभव नहीं है, इसलिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जा रही है। पोस्टर, माइकिंग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। यदि यह लक्ष्य सफल रहता है तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश फाइलेरिया मुक्त राज्य बनने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार प्रयासों और नियमित दवा वितरण से संक्रमण की दर में तेजी से कमी लाई जा सकती है, जिससे लाखों लोगों को भविष्य में होने वाली गंभीर परेशानियों से बचाया जा सकेगा।



