
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मशहूर कंपनियों WinZO और GamezKraft के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापा कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत मारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईडी को लंबे समय से इन कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान, रिवॉर्ड सिस्टम और विदेशी ट्रांजैक्शनों में अनियमितताओं के संकेत मिल रहे थे। इसी आधार पर एजेंसी ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कई अन्य शहरों में संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीमों ने कंपनियों के ऑफिस, सर्वर रूम और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की है। अधिकारियों का कहना है कि इन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर होने वाला पैसों का लेन-देन बेहद बड़ा है और कई बिचौलियों के माध्यम से पैसा विदेशों में भी भेजे जाने की आशंका है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन प्लेटफॉर्म्स को अवैध सट्टेबाजी या बेनामी खातों से भी फंडिंग मिल रही थी।
बता दें कि हाल के वर्षों में भारत में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग तेजी से बढ़ा है और करोड़ों यूजर्स इन ऐप्स पर सक्रिय हैं। ऐसे में इसके वित्तीय मॉडल, रेवेन्यू शेयरिंग और रिवॉर्ड आधारित भुगतान पर कई सवाल पहले भी उठते रहे हैं। सरकार ने गेमिंग कंपनियों पर कड़े नियम लागू किए हैं और कई बार टैक्स चोरी तथा गलत श्रेणीकरण के मामलों में भी नोटिस भेजे गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में WinZO और GamezKraft पर ईडी की यह छापेमारी उद्योग के लिए अहम मानी जा रही है।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जानकारी शुरुआती स्तर पर है और कई डिजिटल डेटा और बैंक स्टेटमेंट्स की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। यदि कंपनियों के किसी अधिकारी या पार्टनर की संलिप्तता सामने आती है तो आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, कंपनियों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, हालांकि सूत्रों का दावा है कि वे जांच में सहयोग कर रही हैं।
यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए बड़ा संकेत है कि सरकार वित्तीय पारदर्शिता को लेकर अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है। आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है।



