काशी नाटकोट्टई धर्मशाला का भव्य उद्घाटन: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और CM योगी आदित्यनाथ हुए शामिल

वाराणसी में एक ऐतिहासिक अवसर पर काशी नाटकोट्टई धर्मशाला का भव्य उद्घाटन किया गया, जिसमें देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह धर्मशाला न केवल तमिल समुदाय की आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि काशी की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि वाराणसी विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है, जहां आस्था और ज्ञान का संगम देखने को मिलता है। उन्होंने नाटकोट्टई समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि धर्मशाला जैसे संस्थान भारत की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत करते हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है और अब यह शहर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि धर्मशाला का निर्माण आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जिससे तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं को आवास और अन्य आवश्यक सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगी।
कार्यक्रम में तमिल और उत्तर भारतीय परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। भव्य दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उद्घाटन समारोह को विशेष बना दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, तमिल समुदाय के सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
काशी नाटकोट्टई धर्मशाला के उद्घाटन के साथ वाराणसी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारत की विविधता में ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति निहित है। यह धर्मशाला न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधा का केंद्र बनेगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक साबित होगी।



