
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब भक्त मात्र 250 रुपये का शुल्क देकर संध्या आरती और शयन आरती में शामिल हो सकेंगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या और बेहतर व्यवस्थापन के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक भक्त व्यवस्थित तरीके से बाबा महाकाल के दर्शन और आरती का लाभ उठा सकें। पहले आरती में शामिल होने के लिए सीमित पास और लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ता था, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी। नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित होगी। मंदिर समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और समय प्रबंधन को और सुदृढ़ किया जाएगा। संध्या आरती और शयन आरती का विशेष धार्मिक महत्व है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होना चाहते हैं। 250 रुपये की यह निर्धारित राशि सामान्य भक्तों के लिए सुलभ मानी जा रही है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण वातावरण में आरती का अनुभव प्राप्त होगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है और इसे श्रद्धालुओं के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।



