पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की जयंती पर CM योगी का नमन, याद किए उनके आदर्श और योगदान

सरलता, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के प्रतीक रहे मनोहर पर्रिकर भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने पद और प्रतिष्ठा से ऊपर जनसेवा को रखा। देश के पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे ‘पद्म भूषण’ मनोहर पर्रिकर की जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
मनोहर पर्रिकर का जीवन सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था। आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने आरामदायक जीवन के बजाय राजनीति और जनसेवा का मार्ग चुना। गोवा जैसे छोटे राज्य से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाना उनकी दूरदृष्टि और कार्यकुशलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्रिकर जी ने यह सिद्ध किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और ईमानदार नीयत से देश और समाज के लिए बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
रक्षा मंत्री के रूप में मनोहर पर्रिकर का कार्यकाल ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया और सैनिकों के मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सर्जिकल स्ट्राइक जैसे निर्णायक कदमों के दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता और स्पष्ट सोच ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती दी। सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि पर्रिकर जी का राष्ट्रप्रेम और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने सुशासन की मिसाल पेश की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार पर सख्ती और विकास को प्राथमिकता दी। उनकी सादगी इतनी प्रसिद्ध थी कि वे अक्सर साधारण स्कूटर से दफ्तर जाते और आम लोगों के बीच सहजता से घुलमिल जाते थे। यही गुण उन्हें जनता का प्रिय नेता बनाता था।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मनोहर पर्रिकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि व्यक्तिगत लाभ का। उनका समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति हमेशा याद की जाएगी। जयंती के अवसर पर पूरा देश एक ऐसे नेता को नमन करता है, जिन्होंने अपने आचरण और कर्म से भारतीय राजनीति को नई ऊंचाई दी।



