
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फैलाए गए एक फर्जी दावे से जुड़ा है। दरअसल, शहबाज शरीफ ने अपने आधिकारिक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की, जिसमें भारत के खिलाफ गलत आंकड़े और भ्रामक जानकारी दी गई थी। उन्होंने दावा किया था कि भारत में कुछ नीतियों के कारण सामाजिक असमानता बढ़ी है और पाकिस्तान इस मामले में बेहतर स्थिति में है। लेकिन कुछ ही घंटों में एक्स ने इस पोस्ट को “फेक न्यूज” के रूप में टैग कर दिया और उसके पीछे के तथ्यों को उजागर कर दिया।
एक्स के “कम्युनिटी नोट्स” फीचर के जरिए यूज़र्स ने बताया कि शहबाज शरीफ द्वारा साझा किए गए आंकड़े न केवल गलत थे, बल्कि वे पुराने और संदर्भ से हटकर प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पर फर्जी खबर फैलाने का आरोप लगाया। कई अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने भी इस कदम की आलोचना की और कहा कि एक राष्ट्राध्यक्ष से इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत की उम्मीद नहीं की जाती।
भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में इस घटना ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच सोशल मीडिया युद्ध को तेज कर दिया है। भारतीय यूज़र्स ने भी एक्स पर तीखे अंदाज़ में जवाब देते हुए शहबाज शरीफ की पोस्ट का मज़ाक उड़ाया और पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं की याद दिलाई।
यह पहली बार नहीं है जब शहबाज शरीफ या उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर गलत जानकारी के कारण आलोचना के घेरे में आई हो। इससे पहले भी कई बार पाकिस्तानी सरकारी हैंडल्स को भ्रामक या अप्रमाणित दावे करने के चलते एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स द्वारा चेतावनी दी जा चुकी है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब शीर्ष स्तर के नेता ही गलत सूचनाएं फैलाने में शामिल हों, तो आम जनता तक सही जानकारी कैसे पहुंचेगी।
इस विवाद के बाद एक्स पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं, और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंच सकता है।



