
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को उसकी कथनी और करनी पर करारा जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताते हुए यह साफ कहा कि वह लगातार आतंकवाद को समर्थन देता है और बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कर्ज के लिए हाथ फैलाता है। भारत के प्रतिनिधि ने अपने तीखे बयान में कहा कि पाकिस्तान न केवल अपने देश में चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा देता है, बल्कि पड़ोसी देशों में अस्थिरता फैलाने के लिए भी आतंकियों का इस्तेमाल करता है। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान वैश्विक संस्थाओं से बार-बार कर्ज मांगने की अपनी आदत के कारण आर्थिक संकट में घिरा हुआ है और इसके पीछे उसकी नीतिगत विफलताएं ज़िम्मेदार हैं। भारत ने दुनिया को चेताया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा रवैया नहीं चलेगा और ऐसे देशों को बेनकाब करना ज़रूरी है, जो आतंक को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा दे रहे हैं। भारत का यह स्पष्ट और सशक्त रुख न सिर्फ पाकिस्तान के लिए चेतावनी है, बल्कि विश्व बिरादरी के लिए भी एक संदेश है कि आतंकवाद और आर्थिक गैर-जिम्मेदाराना नीतियों को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाना चाहिए।



