
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं के आत्मविश्वास, सोच और कार्यशैली की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि आज का युवा न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि चुनौतियों को अवसर में बदलने का माद्दा भी रखता है। पीएम मोदी के अनुसार Gen Z की यही खासियत भारत को आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी के पास तकनीक, नवाचार और वैश्विक सोच का ऐसा संगम है, जो देश को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा सवाल पूछता है, समाधान खोजता है और जोखिम लेने से नहीं डरता। Gen Z का कॉन्फिडेंस केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने काम और विचारों में भी साफ नजर आता है। स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी और नए बिजनेस मॉडल्स में युवाओं की बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि Gen Z वैश्विक मंच पर भारत की पहचान को मजबूत कर रही है। खेल, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और संस्कृति—हर क्षेत्र में युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवा अपनी आवाज को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं और सकारात्मक बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यही आत्मविश्वास भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने आत्मविश्वास के साथ-साथ मूल्यों और जिम्मेदारियों को भी बनाए रखें। देश की प्रगति तभी संभव है, जब युवा नवाचार के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि Gen Z न केवल वर्तमान की जरूरतों को समझती है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों के जरिए युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। Gen Z का यह आत्मविश्वास और ऊर्जा ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली सबसे बड़ी शक्ति साबित होगी।



