UPPCL बिजली दर वृद्धि पर विरोध तेज, उपभोक्ता परिषद आज सुनवाई में उठाएगी मुद्दे

उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग में चल रही सुनवाई के दौरान उपभोक्ता परिषद ने इस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है। खासतौर पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की सुनवाई में आज परिषद के प्रतिनिधि उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाने की तैयारी में हैं। परिषद का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में वृद्धि का अतिरिक्त बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है।
उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि बिजली कंपनियां अपनी अक्षमताओं और तकनीकी नुकसान (लाइन लॉस) को छिपाने के लिए उपभोक्ताओं पर दर वृद्धि थोप रही हैं। परिषद का मानना है कि यदि वितरण कंपनियां अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें और बिजली चोरी पर सख्ती से रोक लगाएं, तो दर बढ़ाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। इसके अलावा परिषद ने यह भी सवाल उठाया है कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार किए बिना दरों में बढ़ोतरी क्यों की जा रही है।
पूर्वांचल क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याएं पहले से ही गंभीर बनी हुई हैं। ग्रामीण इलाकों में अक्सर बिजली कटौती, लो वोल्टेज और खराब ट्रांसफॉर्मर जैसी दिक्कतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में उपभोक्ता परिषद का कहना है कि पहले सेवाओं को बेहतर बनाया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की दर वृद्धि पर विचार किया जाए। परिषद आज की सुनवाई में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से रखेगा।
इस पूरे मामले पर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की नजर टिकी हुई है। यदि दरों में वृद्धि होती है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। वहीं, उपभोक्ता परिषद ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब देखना यह होगा कि नियामक आयोग उपभोक्ताओं की चिंताओं को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर कोई राहत मिलती है या नहीं।



